नया · 8वाँ वेतन आयोग — अब तक क्या तय हुआ
जो आपका हक़ है,
वह पाइए।
अवकाश, एलटीसी, पेंशन और भत्तों के प्रपत्र — भरने के तरीक़े के साथ। नियम सरल भाषा में, परिपत्र के हवाले सहित। और ठगी की चेतावनियाँ, ताकि कमाई सुरक्षित रहे।
प्रपत्र भरना शुरू करेंया पहले सावधान पढ़िए →
- पूरी तरह निःशुल्क
- विवरण आपके फ़ोन में ही
- परिपत्र के हवाले सहित
अपना हक़ 30 सेकंड में जानिए1 / 3
आप किस सेवा में हैं?
नियम छिपे नहीं हैं। बिखरे हुए हैं।
प्रपत्र स्कैन की गई पीडीएफ़ में पड़े हैं, नियम अलग-अलग परिपत्रों में, और यह पूछने वाला कोई नहीं कि किस खाने में क्या भरना है।
- 48.62 लाखकेंद्रीय सरकारी कर्मचारी
- 67.85 लाखपेंशनभोगी
- ₹7.40 लाखएक सेवानिवृत्त रेल कर्मचारी ने ग्वालियर में एक ही कॉल में गँवाए
आँकड़े सार्वजनिक स्रोतों से — 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के दायरे औररेल मंत्रालय की साइबर चेतावनी से।
भरने योग्य प्रपत्र
भरें, जाँचें और व्हाट्सएप या पीडीएफ से भेजें। हर खाने में भरने का तरीका लिखा है।
हर खाने के नीचे लिखा है कि उसमें क्या भरना है। हिन्दी में टाइप करने के लिए अंग्रेज़ी अक्षर काफ़ी हैं। कुछ भी अनिवार्य नहीं — जो छोड़ेंगे वह खाली छपेगा।सभी प्रपत्र →
तीन चरण, दो मिनट
भरिए
हर खाने के नीचे भरने का तरीक़ा लिखा है। कुछ भी अनिवार्य नहीं — जो छोड़ेंगे वह खाली छपेगा।
जाँचिए
पूरा प्रपत्र वैसा ही दिखेगा जैसा छपेगा। ग़लती दिखे तो एक टैप में बदलिए।
भेजिए
व्हाट्सएप पर भेजिए, पीडीएफ डाउनलोड कीजिए, या सीधे छाप लीजिए।
वही प्रपत्र, पढ़ने योग्य।
बाईं ओर वह है जो आज मिलता है — स्कैन की गई पीडीएफ़, हाथ से भरी। दाईं ओर वही प्रपत्र, यहाँ से।
इस हफ़्ते की चेतावनियाँ
सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को निशाना बनाने वाली ठगी। केवल सरकारी चेतावनियों पर आधारित।
- जीवन प्रमाण पत्र के नाम पर ठगी — नवंबर में सबसे ज़्यादा ख़तराडिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के मौसम में ठग पेंशन निदेशालय या बैंक के नाम से फ़ोन करते हैं। पहचानने का तरीक़ा।
- एनपीएस और अटल पेंशन योजना के नाम पर ठगी — पीएफ़आरडीए की चेतावनीपीएफ़आरडीए ने अपने नाम का दुरुपयोग करके चल रही धोखाधड़ी के प्रति ग्राहकों को सचेत किया है। नियामक कभी व्यक्तिगत रूप से पैसा नहीं माँगता।
- पेंशन सत्यापन के नाम पर फ़ोन कॉल — रेल मंत्रालय की चेतावनीपीपीओ अपडेट और केवाईसी सत्यापन के बहाने पेंशनभोगियों को फ़ोन किए जा रहे हैं। ग्वालियर में एक सेवानिवृत्त रेल कर्मचारी ने ₹7.40 लाख गँवाए।
भरोसा क्यों करें
हर बात का हवाला
जो भी नियम के रूप में कहा जाता है, उसके साथ परिपत्र संख्या और तारीख़ दी जाती है — ताकि आप स्वयं जाँच सकें।
आपका विवरण कहीं नहीं जाता
प्रपत्र आपके फ़ोन में ही भरता है। नाम, कार्मिक संख्या, पता — कुछ भी किसी सर्वर पर नहीं भेजा जाता।
अंदर का अनुभव
केंद्रीय सेवा में 23 वर्ष के अनुभव वाले एक सेवारत समूह-क अधिकारी द्वारा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या यह सरकारी वेबसाइट है?
नहीं। यह एक स्वतंत्र वेबसाइट है। यहाँ केवल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध परिपत्रों और कार्यालय ज्ञापनों की जानकारी सरल भाषा में दी जाती है, हवाले सहित। अंतिम निर्णय हमेशा आपके स्थापना अनुभाग का होता है।
क्या मेरा विवरण सुरक्षित है?
आप जो भरते हैं वह आपके उपकरण से बाहर नहीं जाता। पीडीएफ भी आपके ही ब्राउज़र में बनती है। जो वेबसाइट ठगी से बचना सिखाती है, उसका स्वयं आपकी जानकारी इकट्ठा करना उचित नहीं होगा।
क्या इसका कोई शुल्क है?
नहीं। प्रपत्र, नियम और चेतावनियाँ — सब निःशुल्क हैं।
क्या यह प्रपत्र मेरा कार्यालय स्वीकार करेगा?
प्रपत्र उसी प्रारूप में छपता है जिसमें कार्यालय अपेक्षा करते हैं, और उस पर हमारा कोई नाम या चिह्न नहीं होता। फिर भी प्रस्तुत करने से पूर्व अपने स्थापना अनुभाग से पुष्टि कर लेना ठीक रहता है।
क्या आप नकली कॉल पहचान सकते हैं?
तीन सवाल। असली मामलों पर आधारित। अपना स्कोर परिवार के साथ साझा कीजिए — जिनकी पेंशन आ रही है, उन्हें यह पता होना चाहिए।
सवाल 1 / 3
फ़ोन आता है: "रेलवे से बोल रहे हैं, आपका पीपीओ अपडेट करना है, ओटीपी बताइए।" कॉल करने वाला आपका पीपीओ नंबर और सेवानिवृत्ति की तारीख़ सही-सही बताता है।
अगला आवेदन दो मिनट में
आकस्मिक अवकाश आवेदन से शुरू कीजिए। कोई खाता बनाने की ज़रूरत नहीं, कोई शुल्क नहीं।